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Thursday, October 15, 2026
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सोरसन बचाओ गोडावण बचाओ की मुख्यमंत्री से मांग, मुकुंदरा में बाघिन को जोड़ा शीघ्र बनाया जाए

baghcheeta

– डॉ कृष्णेंद्र सिंह-

(बाघ- चीता मित्र)

कोटा। बाघ- चीता मित्रों ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के आगामी 3 नवम्बर को बारां दौरे के तहत सोरसन में गोडावण बसाने की कार्ययोजना गोडावण प्रजनन केंद्र के स्थापन और मुकुंदरा में बाघ के पुनर्वास को सुनिश्चित करने की मांग की है। रविवार को एक आपात बैठक में पर्यावरण के विभिन्न संगठनों ने मांग की है कि मुख्यमंत्री को गोडावण के लिए बजट घोषणा की पालना करना चाहिए जिससे कि इस लुप्त पक्षी का पुनः अस्तित्व कायम हो और सोरसन से श्रेष्ठ जंगल हाड़ौती में दूसरा नहीं है।
बाघ- चीता मित्र एवं हम लोग, चम्बल संसद ,जल बिरादरी,तरूण भारत संघ,हाड़ौती नेचुरलिस्ट सोसायटी, कोटा एनवायरमेंटल सेनीटेशन सोसायटी,बाढ- सुखाड़ जन आयोग के सदस्यों ने गोडावण बचाओ सोरसन बचाओ आंदोलन का समर्थन करते हुए कहा कि गोडावण हाड़ौती की शान है। बाघों का आवास मुकुंदरा राज्य का तीसरा बाघ रिजर्व है। यदि मुख्यमंत्री ने इन पर घोषणाओं का अमलीकरण कर दिया तो हाड़ौती को दीपावली का बड़ा उपहार होगा। बाघ- चीता मित्र संयोजक बृजेश विजयवर्गीय,हम लोग के डॉ सुधीर गुप्ता, भारतीय सांस्कृतिक निधि के समन्वयक निखिलेश सेठी,कंुदन चीता,एएच जैदी, आरएस तोमर,डॉ कृष्णेंद्र सिंह,सर्वेश शर्मा,पगमार्क संस्था के देवव्रत हाड़ा,खालिद आदि ने संयुक्त बयान में कहा कि एक वर्ष से अधिक हो गया सोरसन के लिए जागरूक संगठनों ने आंदोलन चला रखा है राज्य सरकार और वन विभाग की चुप्पी आश्चर्यजनक है। सरकार की बजट घोषणा भी पूरी न हो सके तो ये सरकार की कार्यशैली पर सवालिया निशान है। डॉ सुधीर गुप्ता ने कहा कि गोडावण और बाघ हाडौतीवासियों की वर्षों पुरानी मांग रही है। इसके लिए मुख्यमंत्री को ज्ञापन भी प्रेषित किया जा रहा है। डॉ कृष्णेंद्र सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री को बारां दौरे के तहत वहां के प्रशासन और वन्यजीव प्रेमियों से फीडबैक लेकर सोरसन का भी दौरा करना चाहिए जिससे उन्हें वहां के हालातों को स्वयं जानने का मौका मिलेगा। यदि सरकार चाहे तो पर्यावरणप्रेमी मुख्यमंत्री से मिल कर उन्हें वस्तुस्थिति से अवगत कराने का तैयार है।

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