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Thursday, October 15, 2026
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डॉ अनुकृति शर्मा कोलंबो में इंटरनेशनल सिम्पोजियम में बतौर स्पीकर शामिल

कोटा। यूनिवर्सिटी ऑफ़ कोटा के कॉमर्स एंड मैनेजमेंट डिपार्टमंट की विभागयाध्यक्ष डॉ अनुकृति शर्मा को मिनिस्ट्री ऑफ़ एनवायरनमेंट, श्रीलंका और यूनिवर्सिटी ऑफ़ कोलम्बो, श्रीलंका के संयुक्त रूप से आयोजित इंटरनेशनल सिम्पोजियम में बतौर स्पीकर बुलाया गया। इंटरनेशनल सिम्पोजियम में मिनिस्ट्री ऑफ़ एनवायरनमेंट के मंत्री नसीर अहमद , मिनिस्ट्री ऑफ़ एनवायरनमेंट के सेक्रेटरी डॉ अनिल जासिंघे, प्रो सिल्वा यूनिवर्सिटी ऑफ़ कोलंबो से, डायरेक्टर बायोडायवर्सिटी श्री अबेकुऑन मौजूद रहे। डॉ शर्मा ने सिम्पोजियम में अपने सुझाव ऑनलाइन मोड पे साझा किये। डॉ शर्मा ने सिम्पोजियम के दौरान सभी मौजूद मिनिस्ट्री के लोगो से टूरिज्म इंडस्ट्री से जुड़े व्यक्तियो से बायोडायवर्सिटी को बचाने की गुहार की। डॉ शर्मा ने कहा की कोविड ने एक नया अवसर हमको दिया है जिससे हम एक कोरे कागज़ की तरह रंग सकते है। किस प्रकार से एनवायरनमेंट को बचाया जाये ये हम पर ही निर्भर करता है।

जितने अधिक हम रेस्पोंसिबल होंगे उतना ही अधिक पर्यावण को बचा सकेगे। यह समय है जब हमको टूरिज्म के लिए जुझारु तरीके से कार्य करना होगा और न सिर्फ इंफ्रास्ट्रक्चर पे ही बल्कि एनवायरनमेंट के डेवलपमेंट पे भी ध्यान देना होगा। यूएनडब्ल्यूटीओ के द्वारा दिए गए 17एसडीजीएस को भी डॉ शर्मा ने अपनी स्पीच के दौरन डिस्कस किया। वाइल्डलाइफ को सेव रखने की बात भी डॉ शर्मा के दवरा रखी गयी। टैक्सी ड्राइवर्स, रोड पे लगने वाले फ़ूड की शॉप्स अदि को ट्रेनिंग देना भी पर्यावण को बचाने के लिए आवश्यक है ताकि फ़ूड वेस्ट , प्लास्टिक के यूज़, रोड पे डाले जाने वाले कचरे को कम किया जा सके. टेक्नोलॉजी के बढ़ते हुए उपयोग को देखते हुए पर्यावण को बचाने के लिए , वाइल्डलाइफ की सुरक्षा के लिए टेक्नोलॉजी को काम में लिया जाना चाहिए।

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