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Friday, October 16, 2026
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कुछ लम्हे सुकून दे गये, कुछ लम्हे दर्द की दास्तां बने

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फोटो अखिलेश कुमार

लम्हें

-प्रकाश केवडे-

prakash kevde
प्रकाश केवडे

जिंदगी लम्हों की
एक माला है
कोई लम्हा उजला
तो कोई काला है।

कोई लम्हा कुछ
दे गया
कोई लम्हा सब
कुछ ले गया

कुछ लम्हे सुकून
दे गये
कुछ लम्हे दर्द की
दास्तां बने

ना जाने अगला लम्हा
कैसा होगा?
आने वाला समय
उसकी दास्तां कहेगा

हर लम्हा बेशकीमती
है यारों
हंसी ख़ुशी मिलकर इसे
गुजारों यारों।

 

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