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Thursday, October 15, 2026
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” तू डाल डाल मैं पात पात “

कर्नाटक विधान सभा चुनाव *

-देवेंद्र यादव-

devendra yadav
देवेंद्र यादव

कर्नाटक विधानसभा चुनाव 2023, भारतीय राजनीति में, एक यादगार चुनाव साबित होगा।
2014 के बाद देश की राजनीति में भारतीय जनता पार्टी और उसके नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जबरदस्त उदय हुआ, जिसकी काट लगभग एक दशक तक विपक्ष के पास नहीं थी। कर्नाटक विधानसभा चुनाव में यदि कांग्रेस ने अपनी सरकार बना ली तो, कांग्रेस 2024 के लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की काट होगी और मल्लिका अर्जुन खरगे, राहुल गांधी, श्रीमती प्रियंका गांधी में से कोई एक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बड़ा विकल्प बनेंगे ? यह सब बातें 13 मई को आने वाले कर्नाटक विधानसभा के रिजल्ट तय करेंगे।
कर्नाटक विधानसभा का चुनाव कांग्रेस ने बड़ी चुनावी रणनीति के तहत लड़ा है। कर्नाटक विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने भाजपा के विरुद्ध, “तू डाल डाल मैं पात पात” की नीति को अपनाया और भारतीय जनता पार्टी के मुद्दों का जवाब उसी की भाषा में अपने अंदाज में दिया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2014 के बाद हुए विभिन्न राज्यों के विधानसभा चुनाव में हमेशा कांग्रेस पर भारी पड़ते दिखाई देते थे मगर कर्नाटक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपना वह जलवा नहीं दिखा पाए जिसके लिए मोदी को जाना जाता है।
कर्नाटक विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कांग्रेस के नेताओं ने चारों तरफ से घेरा, इस कारण देश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वास्तविक चुनावी जलवे को नहीं देख पाए।
कर्नाटक विधानसभा चुनाव में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जलवे के उलट कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खरगे, प्रियंका और राहुल गांधी का जलवा प्रभावशाली नजर आया और इसीलिए कर्नाटक विधानसभा चुनाव से विभिन्न संस्थाओं के ओपिनियन पोल कांग्रेस के पक्ष में निकलते नजर आए।

whatsapp image 2023 05 09 at 08.54.34कांग्रेस एक दशक बाद पहली बार कर्नाटक विधानसभा चुनाव में पहले ही दिन से सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी पर भारी पड़ती हुई नजर आई, वरना कांग्रेस भारत की उस हॉकी टीम की तरह मैदान में उतरती थी जब वह डी में जाकर भी गोल करने से वंचित रह जाती थी, मगर इस बार कांग्रेस के नेताओं ने एकजुटता दिखाई और अंत तक मैदान में बने रहे।
कांग्रेस ने चुनावी रणनीति के तहत अपने सभी अग्रिम संगठनों और विभागों के नेताओं को चुनाव प्रचार में लगाया है यही वजह है कि कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार बनने की संभावना अधिक है। पहली बार कांग्रेस भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने हॉपलेस नहीं हुई बल्कि एग्रेसिव रही।
कर्नाटक चुनाव कांग्रेस और भाजपा के लिए टर्निंग प्वाइंट भी है यदि कांग्रेस जीतती है तो, कांग्रेस के लिए 2024 का लोकसभा चुनाव आसान हो जाएगा क्योंकि अभी तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को राजनीति का जादूगर समझते थे उस जादू पर विराम लगता दिखाई देगा।
क्योंकि कर्नाटक विधानसभा चुनाव में भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी सारी ताकत लगा रखी है। ताकत इस रूप में क्योंकि भाजपा ने कर्नाटक विधानसभा चुनाव में बड़े-बड़े दिग्गज नेताओं के टिकट काटकर नए चेहरों को टिकट दिए हैं। इस कारण कर्नाटक में भाजपा के प्रति कर्नाटक के नेताओं में नाराजगी भी देखी गई है और पहली बार भाजपा के दिग्गज नेताओं का भाजपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल होने का कर्नाटक से सिलसिला चला। भाजपा ने कर्नाटक विधानसभा का चुनाव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चेहरे पर लड़ा। कर्नाटक में 10 मई को मतदान होगा और 13 मई को परिणाम घोषित होंगे जिसका हमें इंतजार करना होगा।
देवेंद्र यादव, कोटा राजस्थान

(लेखक वरिष्ठ पत्रकार एवं स्तंभकार हैं। यह लेखक के निजी विचार हैं)

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