25.9 C
Kota
Saturday, October 17, 2026
Home Literature तुम्हारी आख़िरी मंज़िल है आसमानों में। अभी तो राह में सारा जहान...

तुम्हारी आख़िरी मंज़िल है आसमानों में। अभी तो राह में सारा जहान आयेगा।।

shakoor anwar books

ग़ज़ल

-शकूर अनवर-

शकूर अनवर

ग़ज़ल में ज़ुल्मो सितम का बयान आयेगा।
गिरफ़्त ए शेर* में जब आसमान आयेगा।।
*
कभी तो दिल के चमन में बहार आयेगी।
कभी किसी को हमारा भी ध्यान आयेगा।।
*
परिंदा सुबह को निकला था आशियाने* से।
वो साथ ले के सफ़र की थकान आयेगा।।
*
तुम्हारी आख़िरी मंज़िल है आसमानों में।
अभी तो राह में सारा जहान आयेगा।।
*
ये दिल की राह गुज़र* है ज़रा सॅंभल के चलो।
ज़रा सी चोट लगी तो निशान आयेगा।।
”
ये बज़्मे शेरो अदब* मुन्तज़िर उसी की है।
जो साथ ले के यहाॅं पर ज़ुबान* आयेगा।।
*
बड़े सुकून से रहना तू क़ब्र में “अनवर”।
बग़ैर लाटरी बस ये मकान आयेगा।।
*
गिरफ़्त ए शेर* कविता की पकड़ में
आशियाना* घोंसला
राह गुज़र* रास्ता
बज़्मे शेरो अदब* काव्य की महफ़िल,सभा
ज़ुबान* भाषा

शकूर अनवर

Advertisement