30.3 C
Kota
Saturday, October 17, 2026
Home Literature मरना जीना समान है प्यारे। ये तो हिंदोस्तान है प्यारे।।

मरना जीना समान है प्यारे। ये तो हिंदोस्तान है प्यारे।।

whatsapp image 2023 02 11 at 18.53.07 (1)
शकूर अनवर

ग़ज़ल

-शकूर अनवर-

अपना ऐसा मकान है प्यारे।
जिसकी छत आसमान है प्यारे।।
*
मरना जीना समान है प्यारे।
ये तो हिंदोस्तान है प्यारे।।
*
एक दहशत* दिलों पे छाई है।
वर्ना अम्नो-अमान* है प्यारे।।
*
गीत ग़ज़लें कलाम* बिकता है।
फ़िक्रो-फ़न* भी दुकान है प्यारे।।

मुख़्तलिफ़हैं सुख़न की तरकीबें।
“अपनी अपनी ज़ुबान है प्यारे”।।
*
आ ही जाऊॅंगा उसकी बातों में।
ऐसा उसका गुमान है प्यारे।।
*
मैं तेरी जान का मुहाफ़िज़* हूॅं।
तू मेरा पासबान* है प्यारे।।
*
जिसका लहजा*करख़्त हो “अनवर’।
वो भी कोई ज़ुबान है प्यारे।।
*

दहशत*ख़ौफ डर
अम्नो-अमान*शांति चैन
कलाम*काव्य
फ़िक्रो-फ़न* काव्य चिंतन
मुख़्तलिफ़*विभिन्न प्रकार की
सुख़न*काव्य शायरी
मुहाफ़िज़* हिफ़ाज़त करने वाला
पासबान*रक्षक
लहजा*शैली
करख़्त*कठोर
ज़ुबान*भाषा

शकूर अनवर
9460851271

Advertisement
1 Comment
Oldest
Newest Most Voted