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Thursday, October 15, 2026
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गहलोत का विकल्प कौन ?

-राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 !

-देवेंद्र यादव-

devendra yadav
देवेंद्र यादव

जैसे-जैसे राजस्थान विधानसभा चुनाव की घोषणा होने की तारीख नजदीक आती जा रही है, वैसे वैसे राज्य की राजनीति गर्म होने लगी है। इसी बीच राजनीतिक गलियारों में, तेजी से मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के विकल्प को लेकर भी चर्चा होने लगी है।
प्रदेश में सत्ताधारी कांग्रेस का विकल्प प्रमुख विपक्षी दल भाजपा नजर आ रही है, मगर राजस्थान के मुख्यमंत्री कांग्रेस के कद्दावर नेता अशोक गहलोत का विकल्प, भाजपा के भीतर अभी तक नजर नहीं आ रहा है।
2023 के विधानसभा चुनाव में भाजपा किस नेता के नेतृत्व में चुनाव लड़ेगी, इसको लेकर अभी तक सस्पेंस बना हुआ है, मगर नेतृत्व के सस्पेंस, के बावजूद भाजपा के भीतर नेतृत्व को लेकर नेताओं का विवाद सड़कों पर दिखाई दे रहा है। प्रदेश भाजपा के भीतर लगभग एक दर्जन ऐसे नेता है जो चाहते हैं कि पार्टी उनके नेतृत्व में 2023 का विधानसभा चुनाव लड़े ? राजनीतिक गलियारों से खबर यह आ रही है कि 2023 का विधानसभा चुनाव भाजपा अन्य राज्यों की तरह, राजस्थान में भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चेहरे पर लड़ेगी ?
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत इन दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चेहरे पर राजनीतिक चुटकियां लेते हुए नजर आ रहे हैं। अशोक गहलोत कह रहे हैं कि राज्य की 200 सीटों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं चुनाव लड़ेंगे।
गहलोत का इशारा साफ है कि प्रदेश भाजपा के भीतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा हाईकमान की नजर में कोई भी नेता ऐसा नहीं है जो स्वयं की दम पर राज्य विधानसभा का चुनाव जीत जाए।
भारतीय जनता पार्टी ने कर्नाटक विधानसभा चुनाव में भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चेहरे को आगे कर रखा है क्या राजस्थान में भी यही नजारा देखने को मिलेगा ?
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पूरी तरह से आश्वस्त हैं कि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बरकरार रहेगी? अशोक गहलोत के दावे में दम नजर आता है क्योंकि गहलोत सरकार ने अपने 5 साल के कार्यकाल में प्रदेश की जनता के लिए अनेकों जन उपयोगी योजनाएं बनाई, और उन्हें क्रियान्वित भी किया।

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प्रदेश की जनता के लिए स्वास्थ्य की गारंटी राज्य कर्मचारियों की पुरानी पेंशन बहाली अशोक गहलोत सरकार की बड़ी उपलब्धि हैं। और अब चुनाव से ठीक पहले महंगाई राहत योजना जनता के बीच लोकप्रिय होती जा रही है।
दरअसल महंगाई राहत योजना, के पीछे गहलोत सरकार का मकसद यह है कि जनता के लिए गहलोत सरकार के द्वारा बनाई गई योजनाओं का सीधा लाभ मिले।
महंगाई राहत योजना गहलोत सरकार के लिए कितनी महत्वपूर्ण है और गहलोत महंगाई राहत योजना को लेकर कितने गंभीर हैं यह गहलोत के महंगाई राहत कैंपों में शामिल होने से नजर आता है।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत न केवल महंगाई राहत कैंपों की स्वयं मॉनिटरिंग कर रहे हैं बल्कि स्वयं कैंपों में जाकर जनता से सीधे रूबरू हो रहे हैं और जानकारी ले रहे हैं कि आप का रजिस्ट्रेशन हुआ या नहीं ?
लेकिन सवाल यह है कि एक तरफ अशोक गहलोत के पास जनता के विकास के लिए गिराने के लिए अनेक योजनाएं हैं तो वही प्रमुख विपक्षी दल भाजपा अभी भी 2023 का विधानसभा चुनाव किसके नेतृत्व में लड़ेंगे, इसमें ही उलझी नजर आ रही है ? श्रीमती वसुंधरा राजे अपने गृह संभाग झालावाड़ के दौरे पर हैं। मगर सवाल दौरे का नहीं 2023 के विधानसभा चुनाव मैं नेतृत्व को लेकर है। क्या भाजपा पूर्व मुख्यमंत्री श्रीमती वसुंधरा राजे के नेतृत्व में चुनाव लड़ेगी ?

देवेंद्र यादव, कोटा राजस्थान

(लेखक वरिष्ठ पत्रकार एवं स्तंभकार हैं। यह लेखक के निजी विचार हैं)

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