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Friday, October 16, 2026
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जो मुक़द्दर से तख़्त पर बैठा। उस सिकंदर का है इरादा क्या?

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ग़ज़ल

शकूर अनवर

शकूर अनवर
फिर सितम गर* का है इरादा क्या?
अब मेरे सर का है इरादा क्या?
*
वो मेरी बात क्यूॅं नहीं सुनता।
दिल के पत्थर का है इरादा क्या?
*
लो किनारा भी कर दिया ओझल।
इस समंदर का है इरादा क्या?
*
अब मेरे दिल में अपना घर कर लो।
या नये घर का है इरादा क्या?
*
अब ये बिजली कहाॅं गिराओगे।
यूॅं खुले सर का है इरादा क्या?
*
जो मुक़द्दर से तख़्त पर बैठा।
उस सिकंदर का है इरादा क्या?
*
बुत परस्ती* नहीं तो फिर “अनवर”।
फ़न ए आज़र का है इरादा क्या?
*
शकूर अनवर
सितम गर* ज़ालिम प्रेमिका या माशूक
बुत परस्ती* मूर्ति पूजा आशिक़ी
आज़र* एक प्रसिद्ध मूर्तिकार
फ़न ए आज़र*मूर्ति कला

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