29.7 C
Kota
Thursday, October 15, 2026
Home Kota News पुलिस चौकी का स्टाफ हटाने पर टकराव टला

पुलिस चौकी का स्टाफ हटाने पर टकराव टला

3 तारीख की घटना को लेकर आज एसडीओ कोर्ट के बाहर धरना प्रदर्शन किया जाना था

devnaraian

-सावन कुमार टॉक-

कोटा। जुल्मी प्रकरण में आरोपी पुलिसकर्मियों का स्टॉफ हटाए जाने से धरना और प्रदर्शन स्थगित करने का निर्णय किया गया। पुलिस उप अधीक्षक और ग्रामीणों के बीच आपसी समझाइश और वार्ता हुई। इसके बाद ग्रामीणों का प्रतिनिधिमंडल पुलिस उप अधीक्षक कार्यालय से जुल्मी पहुंचा और पुलिस उप अधीक्षक से हुई बातचीत नैहरे में एकत्रित स्त्री पुरुषों के सामने रखी। उन्होंने सामूहिक निर्णय करने की बात कही जिस पर नैहरे में मौजूद सभी लोगों ने एक राय होकर यह तय किया कि जब पुलिस ने जुल्मी चौकी स्टाफ को हटा दिया है तो फिर धरना और प्रदर्शन करने का कोई औचित्य नहीं है और आज का प्रदर्शन स्थगित करने का निर्णय किया। सहयोग करने वाले सभी साथियों का स्वागत और आभार व्यक्त किया।

प्रतिनिधिमंडल ग्रामीणों को पुलिस उप अधीक्षक से बातचीत की जानकारी देते हुए।

इधर नैहरे में मौजूद गुर्जर समाज की महिलाओं ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि देवनारायण भगवान का जुलूस हर वर्ष की तरह निकलेगा और किसी ने इसे रोकने की कोशिश की तो हम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने यह भी आशंका व्यक्त की कि दुर्भावना से प्रेरित होकर अब कहीं पुलिस उनके बच्चों को परेशान तो नहीं करेगी। जिस पर गुर्जर समाज अध्यक्ष ओम गुर्जर एवं भाजपा नेता वीरेंद्र जैन ने महिलाओं को समझा-बुझाकर संतुष्ट किया और उनके बीच में जाकर उन्हें अधिकारियों से हुई सारी बातचीत से अवगत कराया।

प्रतिनिधि मंडल में भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य वीरेंद्र जैन, पूर्व सरपंच लक्ष्मीनारायण अहीर, गुर्जर समाज अध्यक्ष ओम गुर्जर का सरोपा भेंट कर स्वागत किया। ग्रामीणों ने आभार व्यक्त किया और सभी ने मंदिर पहुंचकर देवनारायण भगवान के दर्शन किए और कहा कि भगवान की कृपा से यह टकराव टल गया। प्रतिनिधि मंडल द्वारा निकाले गए समाधान से सभी ग्रामीणों ने सहमति और प्रसन्नता व्यक्त की। उल्लेखनीय है कि 3 तारीख की घटना को लेकर आज एसडीओ कोर्ट के बाहर धरना प्रदर्शन किया जाना था जिसकी व्यापक तैयारी रात से ही शुरू हो गई थी। एसडीओ कोर्ट के बाहर पंडाल लगाया गया था जिसमें धरना होना था । लोगों के आक्रोश को देख पुलिस ने चौकी के स्टाफ को हटा दिया था।

Advertisement