25.9 C
Kota
Saturday, October 17, 2026
Home Kota News पंचायत राज संस्थाओं को 25 नवंबर तक मिलेंगे 2 हजार करोड़...

पंचायत राज संस्थाओं को 25 नवंबर तक मिलेंगे 2 हजार करोड़ रुपए

sarpanch

-दुष्यन्त सिंह गहलोत-

कोटा/ जयपुर। ग्रामीण विकास एवं पंचायत राज मंत्री रमेश चंद मीणा ने सरपंच संघ के पदाधिकारियों को आश्वासन दिया है कि 25 नवंबर तक ग्राम पंचायतों जिला परिषद व पंचायत समितियों को करीब 2000 करोड़ रुपए से अधिक की राशि उनके खातों में स्थानांतरित हो जाएगी।
सरपंच संघ के मुख्य प्रदेश प्रवक्ता रफीक पठान ने बताया कि राजस्थान सरपंच संघ का एक प्रतिनिधिमंडल प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर गढ़वाल कार्यकारी अध्यक्ष नेमीचंद मीणा व रफीक पठान के नेतृत्व में जयपुर में ग्रामीण विकास एवं पंचायत राज मंत्री रमेश चंद मीणा, प्रमुख शासन सचिव अभय कुमार सहित ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज व वित्त विभाग के अधिकारियों से मिलकर सरपंचों की लंबित मांगों को शीघ्र पूरा करने व बकाया राज्य वित्त आयोग, एवं केंद्रीय वित्त आयोग की राशि शीघ्र खातों में डालने की मांग रखी।
इस पर मंत्री रमेश चंद्र मीणा ने वित्त विभाग लेखा शाखा के अधिकारियों से वार्ता की तो बताया कि केंद्र के 15 वें वित्त आयोग (एफएफसी) एक किस्त 14 सो 76 करोड की राशि आ चुकी है इसमें टाइट व अनंटाइट दोनों शामिल हैं और राज्य वित्त आयोग के छठे वित्त आयोग की सन 2021, 2022 की सेकंड क़िस्त की राशि जो तेरह सो करोंड़ के लगभग थी उस में से बकाया करीब 800 करोड़ की राशि खातों में डालना शुरू हो गई है और यह संपूर्ण राशि जोकि 2000 से 22 सो करोड़ के लगभग बनती है वह 25 नवंबर से पहले पहले खातों में डाल दी जाएगी। यह राशि अलग-अलग मद में आएगी। इस राशि के आ जाने से महीनों से बंद पड़ा ग्राम पंचायतों का विकास कार्य एक बार फिर से गति पकड़ेगा। सरपंच संघ के पदाधिकारियों ने मंत्री रमेश चंद्र मीणा से मांग की है कि उनकी लंबित मांगों को भी शीघ्र पूरा किया जाए उन्होंने आश्वासन दिया कि उनकी सभी मांगे जो भी लंबित है उनके आदेश शीघ्र निकल जाएंगे। प्रमुख शासन सचिव अभय कुमार ने बताया कि जल्द ही सरपंच संघ के पदाधिकारियों के साथ मीटिंग करके उनकी समस्याएं सुनी जाएगी और उनका समाधान करवाया जाएगा। प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर गढ़वाल कार्यकारी अध्यक्ष नेमीचंद मीणा मुख्य प्रवक्ता रफीक पठान, सरपंच राजेंद्र प्रसाद कुमावत हनुमानगढ़ सहित अन्य सरपंच गण साथ थे।

Advertisement