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Saturday, October 17, 2026
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चाय के साथ सभ्यता की कहानियां

– विवेक कुमार मिश्र-

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डॉ. विवेक कुमार मिश्र

एकदम से यह नई बात होगी कि
आप कुछ करें और कोई बात न हो
बात हो या न हो पर बात तो होगी
सभ्यता में आदमी बैठा ही है बात करने के लिए
कभी इस बात पर तो कभी उस बात पर बात
और बातों की इस गणना में
चाय अपने साथ रायसुमारी बनाती रहती
चाय है और चाय के रंग के साथ
सभ्यता की कहानियां हैं ….
चाय नये सिरे से
एक और आंच पर पक कर आ जाती
हर सुबह एक अलग ही चाय होती
एक सुबह का उजास के साथ स्वागत करते हुए
इस तरह आती कि …
चाय के मूल स्वाद के साथ साथ
एक नई चमक एक नई महक और रंग दे जाती है कि
चाय के साथ – आप अपनी गति लें सकें
चाय पर चल सकें ….
संसार को समझें और जीवन की तमाम
अटकलों के बीच किस खूबसूरती से
चाय उल्लास का प्याला थमा जाती कि
बस चाय देखते रहिए
और चाय पर कदम – दर – कदम
बढ़ाते हुए घूम आएं दुनिया….।

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