28.5 C
Kota
Thursday, October 15, 2026
Home Literature नव उजास, नव हास, नव विकास हो, सबके के पास

नव उजास, नव हास, नव विकास हो, सबके के पास

meena

-डॉ. रमेश चंद मीणा-

ramesh chand meena
डॉ. रमेश चंद मीणा

है,नव वर्ष
नव विमर्श
नव संघर्ष
नव उत्कर्ष।
नव जीवन लय
संग नव किसलय
विरोधों का विलय
सकारात्मकता का संलय।
वर्ष पुरातन बीता
आया!अंग्रेजी वर्ष नवनीता
रहे प्रवीण- पुनीता
गाएं मंगल गीत ।
नव उजास
नव हास
नव विकास
हो, सबके के पास
नव वर्ष की मनोकामनाएं
नव अशेष स्वस्ति कामनाएं ।।

-डॉ. रमेश चंद मीणा
सहायक आचार्य
चित्रकला

Advertisement