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Thursday, October 15, 2026
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मां की ममता

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photo courtesy pixabay.com

-किशन सनमुख़दास भावनानी-

kishan bhavnani
किशन सनमुख़दास भावनानी

मां की ममता मिलती हैं सभी को
कोई अच्छूता नहीं
कद्र करने की बात है
कोई करता कोई नहीं

मां वात्सल्य प्रेमामई ममता
मिलती हैं सभी को कोई अच्छूता नहीं
कद्र करने की बात है,
कोई करता कोई नहीं

मां का आंचल अपने सपूतों के लिए
हरदम खुला बंद नहीं
अपनी तकलीफों दुखों से घिरी
पर ममता की छांव हटाई नहीं

चार बातें कड़वी भी सुनीं तुम्हारी
पर ममता की छांव हटाई नहीं
तुमने कद्र भले की हो या नहीं
पर मां ने ममता घटाई नहीं

हैं ऐसे भी कुछ लोग मां की ममता का
आंकलन करते नहीं
बस दिखावे में जीतें हैं मां की ममता
का सम्मान करते नहीं

समझ लो ऐसे लोगों, मां की ममता
नसीब करेगा भगवान भी नहीं
बस मां की ममता आंचल में समाए रहो
फिर पूजा पाठ की जरूरत नहीं

मां का वात्सल्य प्रेम मई ममता
मिलती हैं सभी को कोई अच्छूता नहीं
कद्र करने की बात है
कोई करता कोई नहीं

-लेखक – कर विशेषज्ञ साहित्यकार, स्तंभकार, कानूनी  लेखक, चिंतक, कवि, एडवोकेट गोंदिया महाराष्ट्र

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