28.5 C
Kota
Thursday, October 15, 2026
Home Astrology भाद्रपद का पहला प्रदोष व्रत आज

भाद्रपद का पहला प्रदोष व्रत आज

whatsapp image 2023 09 11 at 19.19.57
-राजेन्द्र गुप्ता-
राजेन्द्र गुप्ता
इस व्रत से मिलेगी कर्ज से मुक्ति, दूर होगा आर्थिक संकट
=============================
इस बार प्रदोष व्रत मंगलवार होने के कारण इसे भौम प्रदोष व्रत कहा जा रहा है। यदि आप कर्ज से मुक्ति पाना चाहते हैं इस दिन व्रत रखकर प्रदोष काल में भगवान गणेश की पूजा करने से कर्ज से मुक्ति मिलेगी और आर्थिक संकट भी समाप्त हो जाएगा।
भाद्र माह के त्रयोदशी तिथि यानि 12 सितंबर को कृष्ण पक्ष का प्रदोष व्रत मनाया जाएगा। इस दिन भगवान भोलेनाथ की पूजा अर्चना से सारे कष्टों से मुक्ति मिलती है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस बार यह व्रत मंगलवार को पड़ने के कारण एक विशेष संयोग का निर्माण हो रहा है। यदि आप कर्ज से परेशान हैं तो इस दिन भगवान गणेश की पूजा करने से कर्ज से मुक्ति के साथ्-साथ आर्थिक तंगी से भी छुटकारा मिल सकता है।
शुभ मुहूर्त
=======
शुभ मुहूर्त भाद्र मास की त्रयोदशी तिथि की शुरुआत 12 सितंबर की सुबह 08 बजकर 30 मिनट से शुरू हो रही है। इसका समापन अगले दिन 13 सितंबर को सुबह 10 बजकर 45 मिनट पर होगा। प्रदोष व्रत की पूजा प्रदोष काल में होती है। इसलिए इसमें उदयातिथि नहीं मानते हुए 12 सितंबर को प्रदोष व्रत रखा जाएगा। वहीं पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 07 बजकर 05 मिनट से रात 09 बजकर 30 मिनट तक रहने वाला है।
इस विधि से करें पूजा आराधना
====================
कर्ज से मुक्ति व आर्थिक संकटों से उभारने के लिए भाद्र मास के प्रदोष व्रत में भगवान गणेश की पूजा करना शुभ माना गया है। इस दिन सुबह उठकर स्नान कर भगवान शिव के सामने व्रत का संकल्प लें। वहीं प्रदोष काल में पति-पत्नी एक साथ मिलकर भगवान गणेश के ऊपर जलाभिषेक और दूध का अभिषेक करें। बेलपत्र, धतूरा, पुष्प, धूप, दीप एवं लड्डू का भोग लगाएं। इसके साथ ही गणेश स्त्रोत का पाठ करें।
भौम प्रदोष व्रत का महत्व
==================
दिन के अनुसार प्रदोष व्रत का महत्व होता है। उस दिन के नाम पर ही प्रदोष व्रत का भी नाम पड़ता है। सितंबर का पहला प्रदोष व्रत मंगलवार को है, मंगल को भौम कहते हैं, इसलिए इसे भौम प्रदोष कहा जाता है। जो व्यक्ति किसी रोग से पीड़ित है, उसे भौम प्रदोष व्रत के दिन शुभ मुहूर्त में शिव पूजा करनी चाहिए। यदि वह ऐसा करने में सक्षम नहीं है तो उसके परिवार का कोई अन्य सदस्य यह व्रत और पूजा कर सकता है। वह इस व्रत के पुण्य को रोगी को दे सकता है। भौम प्रदोष व्रत और शिव कृपा से रोग दूर हो जाता है। उसे उत्तम सेहत की प्राप्ति होती है।
राजेन्द्र गुप्ता,
ज्योतिषी और हस्तरेखाविद
मो. 9116089175
Advertisement