29.7 C
Kota
Thursday, October 15, 2026
Home Culture आंखों देखी…विघ्नहर्ता की विदाई और शोभायात्रा में उमड़ा जनसमूह

आंखों देखी…विघ्नहर्ता की विदाई और शोभायात्रा में उमड़ा जनसमूह

vighnaharta
क्रेन की मदद से गणेश जी की प्रतिमा विसर्जित करते हुए।

-सावन कुमार टॉक-

(लेखक प्रमुख समाचार पत्रों के रिपोर्टर रहे हैं)

कोटा। अनन्त चतुर्दशी पर शुक्रवार को विघ्नहर्ता की विदाई पर भव्य शोभायात्रा निकाली गई। ढोल की थाप व गणेश जी के जयकारों के साथ विभिन्न समितियां व शहरवासी अपने स्थापित गणेश को महाआरती के बाद वाहनों में सजाकर किशोर सागर व भीतरिया कुण्ड  के लिए रवाना हुए। जहां प्रशासन ने प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए पहले से निगम, एसडीआरएफ व एनडीआरएफ की टीमों के साथ पुलिस जाप्ता तैनात किया हुआ था।

गणपति विसर्जन के लिए जाते बच्चे और युवक।

बड़ी प्रतिमाओं को क्रेन के सहायता से विसर्जित किया तो हर ओर गणपती बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ के जयघोष से माहोल भक्तिमय हो गया। शोभायात्रा की शुरूआत मल्टीपरपज स्कूल से हुई जहां संत समाज भी मौजूद रहा व लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने संतों का स्वागत किया।

सुरक्षा के लिए नौका में तैनात एसडीआरएफ की टीम।

यहां से रवाना हुई शोभायात्रा सुरजपोल गेट से होते हुए केथूनीपोल पहुंची जहां भी स्वागत का कार्यक्रम आयोजित किया गया तथा अखाड़ों के उस्तादों का सम्मान किया गया। यहां अखाड़ों के पट्टेबाजों ने हैरतअंगेज करतब दिखाए तो मलखंब पर भी कई करतब देख लोग हैरान रह गए। केथूनीपोल थाने पर शहर एसपी व अधिकारियों ने वॉच टावर बनाया हुआ था।

गणेश जी की प्रतिमा को भीतरिया कुण्ड की ओर विसर्जन को ले जाते श्रद्धालु

यहां शोभायात्रा में 5 दर्जन से अधिक झाकियां साथ चल रही थी। संत समाज को बग्घियों में आसीन करवाया गया था। शहर में हाल यह था कि चारों तरफ से गणपती की झांकियों से जूलूस डीजे व बैंड की धुनों पर आ जा रहे थे। किशोर सागर पर सुरक्षा के लिए एसडीआरएफ की पांच टीमें जिनमें 3 किशोर सागर व 2 भीतरिया कुण्ड व एनडीआरएफ की एक-एक टीम दोनों स्थानों पर तैनात थी। पुलिस का दस्ता अधिकारियों के साथ मौजूद रहा। नगर निगम रेस्क्यू दल प्रतिमाओं को विसर्जित करवाने का काम कर रहे थे।

शोभा यात्रा में एक युवक के ऊपर से मोटर साइकिल निकालने का करतब दिखाते हुए।

अखाड़ों ने दिखाए हेरत अंगेज कारनामें 

अखाड़ों के उस्तादों की देखरेख में कलाकारों ने हैरतअंगेज कारनामें दिखाए। सीने पर पत्थर तोड़ना, बाइक निकालना जैसे कई करतब थे। पूरे रास्ते जयकार लगाते हुए सदस्य चल रहे थे।

कहीं शरबत तो कहीं केले, समोसा

शहर में दो वर्ष बाद निकली शोभायात्रा को लेकर लोगों में अलग ही उत्साह था। शोभायात्रा मार्ग में सैकड़ों स्टाल लगाई गई थी जहां पेय व खाद्य पदार्थों की व्यवस्था की गई थी। लोगों को रोक रोक का वितरण किया जा रहा था।। कहीं फ्रूट थे तो कहीं कचोरी और समोसे और अन्य चीजें। शोभायात्रा मार्ग में हजारों की संख्या में भक्तगण मौजूद थे।

Advertisement