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Thursday, October 15, 2026
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रियासतकालीन गांव नांता के उत्तर की ओर 18वीं शताब्दी का भव्य शिव मंदिर

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खेत के बीच स्थित मंदिर की भव्य इमारत। फोटो अखिलेश कुमार

-अखिलेश कुमार-

अखिलेश कुमार

(फोटोग्राफर और पत्रकार)

कोटा समेत पूरा हाडोती पुरा संपदा, संस्कति और अपनी नैसर्गिक सुंदरता से भरपूर है। यहां जगह-जगह पुरा संपदा का भंडार है। जो प्रमुख स्थल हैं उनसे तो अधिकांश लोग वाकिफ हैं लेकिन कई स्थान ऐसे हैं जहां लोगों की नजर कम जाती है। ऐसा ही एक स्थान कोटा के नांता क्षेत्र में है।

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मंदिर में स्थापित शिवलिंग। फोटो अखिलेश कुमार

कोटा शहर के निकट रियासतकालीन गांव नांता के उत्तर की ओर खजूर के पेड़ों के बीच एक भव्य इमारत बरबस ही ध्यान आकर्षित करती है। इसके चारों और हरे-भरे खेत मनोरम दृश्य उत्पन्न करते हैं।

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मंदिर का कलात्मक गलियारा। फोटो अखिलेश कुमार

जानकारी करने पर पता चला कि करीब 160 बीघा क्षेत्र का यह परिसर किसी ट्रस्ट के अंतर्गत आता है। जिसके बीचो-बीच स्थित यह इमारत एक शिव मंदिर है।

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मंदिर में स्थापित भगवान शिव के वाहन नंदी। फोटो अखिलेश कुमार

 

इतिहासविदों के अनुसार यह मंदिर 18वीं शताब्दी का है। उस समय नांता झाला जालिम सिंह की जागीर हुआ करती थी। झाला जालिम सिंह की उप-पत्नी घीसा बाई ने इस मनोरम स्थल पर एक भव्य शिव मंदिर का निर्माण करवाया था। इसका वास्तुशिल्प अत्यंत सुंदर है। विशेषकर यहां स्थापित शिवलिंग का रूप अनूठा है। मन्दिर के बाहर दाईं और बाईं ओर हनुमान जी और गणेश जी की प्रतिमाएं स्थापित हैं।

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मंदिर परिसर में बनाए कलात्मक झरोखे। फोटो अखिलेश कुमार

यदि इस परिसर को पर्यटन की दृष्टी से विकसित करवाया जाए तो यह इस क्षेत्र में आध्यत्म एवम इतिहास प्रेमी पर्यटकों के लिए प्रमुख आकर्षण का केंद्र बन सकता है।

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मंदिर का शिखर। फोटो अखिलेश कुमार
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