
-संजय चावला-

नई शिक्षा नीति 2020 के विरोध में तथा राज्य के उच्च शिक्षा से जुड़े शिक्षकों की विभिन्न मांगों के समर्थन में मंगलवार को शिक्षा संकुल, जयपुर के परिसर में एआईफुक्टो (अखिल भारतीय विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय शिक्षक संगठन) तथा रूक्टा (राजस्थान विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय शिक्षक संघ) ने सामूहिक धरना दिया। एआईफुक्टो के जोनल सेकेट्री तथा रुक्टा के प्रांतीय अध्यक्ष रघुराज परिहार ने बतलाया कि नई शिक्षा नीति 2020 के विरोध में आज देश के सभी प्रांतों की राजधानियों में एआईफुक्टो के आव्हान पर कॉलेज शिक्षकों ने धरना दिया। प्रांतीय महामंत्री बनयसिंह ने बतलाया कि राजस्थान के शिक्षकों ने भी शिक्षा संकुल, जयपुर के परिचर में नई शिक्षा नीति 2020 के विरोध में धरना दिया जिसमें राजस्थान के विभिन्न हिस्सों से 300 से भी अधिक शिक्षकों ने भाग लिया।

धरने को संबोधित करते हुए एआईफुक्टो के पूर्व उपाध्यक्ष घासीराम चौधरी ने कहा कि नई शिक्षा नीति 2020 जमीनी हकीकतों को दरकिनार करके बनाई गई है। इस नीति को बनाने से पहले शिक्षकों के तमाम वर्गों और विद्यार्थियों से विचार विमर्श नहीं किया गया और न ही संसद में इस पर विचार विमर्श हुआ यह नीति जबरन देश पर लाद दी गई है। एआईफुक्टो के उपाध्यक्ष जी. एन. घसिया ने कहा कि नई शिक्षा नीति साम्प्रदायिक सोच के साथ लागू की गई है। यह प्राचीन गौरव के नाम पर इतिहास को पलटने की कोशिश है। रुक्टा के उपाध्यक्ष हंसराज चौहान ने कहा कि सेमेस्टर सिस्टम के चलते स्नातक स्तर पर महाविद्यालयों में वर्ष भर परीक्षाएं ही होती रहेंगी। रुक्टा के प्रांतीय इकाई सदस्य पयोद जोशी ने कहा कि नई शिक्षा नीति के अंतर्गत इतिहास, राजनीति, समाज व साहित्य के पाठयक्रमों को बदलने की कोशिश की जा रही है और वैज्ञानिक चिन्तन से मुंह मोडा जा रहा है।
धरने में रुक्टा अध्यक्ष रघुराज परिहार व महामंत्री बनय सिंह ने राज्य सरकार से सातवें वेतनमान का लाभ 1.1.2016 से दिए जाने, प्राचार्य पद के लिए शीघ्र डीपीसी करवाने 242 शिक्षकों को सीएएस का लाभ ड्यू तिथि से देने, प्रोफेसर पद के लिए रिव्यू डीपीसी करवाने, सीएएस के लिए डीपीसी करवाने आरवीआरएस के शिक्षकों को भी प्रोफेसर पद पर पदोन्नत करने, विद्या संबल और संविदा व्याख्याताओं को नियमित करने की मांग राज्य सरकार से की. उन्होंने यूजीसी रेगुलेशन 2018 के नियम के क्लोज 6.3 क्लोज 8 के अंतर्गत सीएएस हेतु रिफेशर / ओरिएंटेशन / शॉर्ट टर्म कोर्स में 31 दिसम्बर 2023 तक बढ़ाने की भी मांग की. धरने को पूर्व सहायक निदेशक कोटा परिक्षेत्र के किरोड़ी मल गवेंद्रा, धर्म सिंह मीना, शमशेर बहादुर सिंह आदि ने भी संबोधित किया।


















