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Friday, October 16, 2026
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श्री फलोदी माताजी: रामनवमी पर पूर्णाहुति के साथ नवरात्र कार्यक्रमों का समापन

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-देवेन्द्र यादव-

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देवेन्द्र यादव

रामगंज मंडी (कोटा)। खैराबाद स्थित श्री फलोदी माताजी महाराज के दरबार में नवरात्र के अवसर पर आयोजित विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों का समापन रामनवमी पर पूर्णाहुति के साथ हो गया।
मेला संयोजक मोहन चौधरी ने बताया कि नवरात्र के नौ दिनों तक मंदिर परिसर के दरिखाने में प्रतिदिन कन्या भोज का आयोजन किया गया। हर दिन करीब ढाई हजार कन्याओं को भोजन कराया गया। यह परंपरा लंबे समय से चली आ रही है। खास बात यह है कि कन्या भोज के लिए स्कूलों की छात्राओं को आमंत्रित किया जाता है।
श्री फलोदी माताजी महाराज खैराबाद एक ऐतिहासिक और प्रतिष्ठित धार्मिक स्थल है। यहां हर वर्ष बसंत पंचमी के अवसर पर वार्षिक मेला भरता है। इसके अलावा छह साल में अर्धकुंभ और 12 साल में महाकुंभ का आयोजन भी होता है। यह स्थल मेडतवाल बनिया समाज की कुलदेवी के रूप में विशेष आस्था का केंद्र है।
बसंत पंचमी पर लगने वाले मेले के दौरान देश-विदेश से मेडतवाल समाज के लोग यहां एकत्रित होते हैं। परंपरा के अनुसार समाज के कई परिवार अपने बच्चों की सगाई और विवाह जैसे मांगलिक कार्यक्रम भी यहीं दरबार में आकर संपन्न करते हैं।
इस मंदिर की एक अनोखी विशेषता यह भी है कि यहां होने वाले बड़े आयोजनों में किसी नेता या अधिकारी को मुख्य अतिथि नहीं बनाया जाता। हजारों की संख्या में आने वाले श्रद्धालु ही यहां के वास्तविक ‘वीआईपी’ होते हैं। आमतौर पर अन्य धार्मिक आयोजनों में जहां अतिथियों का विशेष सम्मान किया जाता है, वहीं यहां सभी लोग समान रूप से दर्शन करते हैं।
कोटा से करीब 80 किलोमीटर दूर, दिल्ली-मुंबई रेल मार्ग पर स्थित रामगंज मंडी के पास खैराबाद कस्बे में यह भव्य और ऐतिहासिक मंदिर स्थित है। इसके आसपास मंगलम सीमेंट फैक्ट्री, मोड़क और देश का दूसरा सबसे बड़ा मसाला पार्क भी स्थित है।
गौरतलब है कि जिस पत्थर को ‘कोटा स्टोन’ के नाम से जाना जाता है, उसकी खोज भी इसी क्षेत्र में हुई थी। साथ ही, रामगंज मंडी क्षेत्र धनिया उत्पादन के लिए देश-विदेश में प्रसिद्ध है। यहां की कृषि उपज मंडी को धनिया की सबसे बड़ी मंडी माना जाता है। इसी ऐतिहासिक और समृद्ध क्षेत्र में स्थित श्री फलोदी माताजी महाराज का मंदिर आस्था और परंपरा का प्रमुख केंद्र बना हुआ है।

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