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Friday, October 16, 2026
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कहीं पे सजनी कहती,साजन घर आजाना होली में। प्यार के वादे अपने इरादे, नहीं बिसराना होली में।।

holi painting
होली पेंटिंग। साभार एएच जैदी

होली 

-मनु वाशिष्ठ-

manu vashishth
मनु वशिष्ठ

आज लगे हर लड़की राधा,कान्हा निकले टोली में।
थोड़ी मस्ती थोड़ी शरारत,होगी ठिठोली होली में।

चौक चौराहे गली मोहल्ले, खूब सजेंगे होली में।
होलिका का होगा दहन, हरिभक्त बचेंगे होली में।

दादी संग मम्मी,चाची, पकवान बनाते होली में।
आंगन में सब हुए इकट्ठे,फिर कीच मचाते होली में।

नीले, पीले, लाल, गुलाबी, फाग उड़ेगा होली में।
बड़ेबूढ़े बनेंगे बच्चे,गलियों में शोर मचेगा होली में।

कहीं पे सजनी कहती,साजन घर आजाना होली में।
प्यार के वादे अपने इरादे, नहीं बिसराना होली में।

भूली बिसरी कई कहानी,याद करेंगे होली में।
कोरेमन पर खुशियों वाली/भर पिचकारी, रंग रंगेंगे होली में।

रूठे टूटे,छूटे रिश्ते,मित्रों संग त्यौहार मनाएं होली में।
अबीर,गुलाल संग,गले मिलेंगे, प्यार लुटाएं होली में।
_ मनु वाशिष्ठ कोटा जंक्शन राजस्थान

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