29.7 C
Kota
Thursday, October 15, 2026
Home Literature पिता ने चुना पेड़ होना

पिता ने चुना पेड़ होना

akhilesh
फोटो अखिलेश कुमार

-रानी सिंह-

rani singh 01
रानी सिंह

माँ ने चुना नदी होना
पलती हैं जिसमें प्रेम की
असंख्य मछलियाँ और सीपियाँ
जिसमें ममता का है अविरल प्रवाह
जो समाहित कर लेती है
दुनिया के तमाम कचरों को खुद में
जिसके स्नेहिल जलकण
सींचते हैं हृदय भूमि को
जिससे बना रहता है जीवन का हरापन

वहीं पिता ने चुना
पेड़ होना
धीर, गंभीर, स्थिर
मजबूती से जड़ों को जमीन में टिकाये
फलदार और छायादार
जिनके कोमल मन के हरे पत्ते
झूम उठते हैं
खुशियों भरे हवा के मंद-मंद झोंकों से।

©️ रानी सिंह

Advertisement