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Thursday, October 15, 2026
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बस यूँ ही

akhilesh
फोटो अखिलेश कुमार

-प्रकाश केवडे-

prakash kevde
प्रकाश केवडे

बस यूँ ही

हवा का झोंका
उडा ले गया
पल्लू सिर से
बालों को बिखरा गया
मुझे भा गया
बस यूँ ही

बहती हवाएं
इत्र की खुश्बू चुरा
कर तुम तक पहुंचाती हैं
तुम आखें बन्द कर
खो जाती उनमें
अदा ये भाती हमें
बस यूँ ही

दरवाजे खोलने
के लिए तुम्हारे
कदमों की आहट
पायल के घुंघरू
गम भुला देते
मेरे सारे
बस यूँ ही।

रचियता प्रकाश केवडे

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