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Thursday, October 15, 2026
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सुजलाम- सुफलाम के तहत जैन संगठना जल संरचनाओं पर काम करेगा

महाराष्ट्र में जैन संगठना द्वारा किए जा रहे तलाबों के गहराकरण,नवीनीकरण और नई जल संग्रहण संरचनाओं पर किए गए कार्यो की जानकारी दी। संगठन के माध्यम से नीति आयोग के माध्यम से होने वाले एमओयू की विस्तार से जनाकरी दी

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-बृजेश विजयवर्गीय-

कोटा। भारतीय जैन संगठना के तत्वावधान में कोटा क्षैत्र में वर्षाजल संरक्षण के लिए काम करने की कार्ययोजना तैयार की जा रही है। बुधवार को तलवण्डी के दिगम्बर जैन मंदिर में भारतीय जैन संगठना पुणे से आई टीम के सदस्यों विजय धनवे तथा विशाल काम्बले ने कहा पॉवर पाईट प्रेजेंटेशन के माध्यम से संजलाम सुफलाम अभियान में महाराष्ट्र में जैन संगठना द्वारा किए जा रहे तलाबों के गहराकरण,नवीनीकरण और नई जल संग्रहण संरचनाओं पर किए गए कार्यो की जानकारी दी। संगठन के माध्यम से नीति आयोग के माध्यम से होने वाले एमओयू की विस्तार से जनाकरी दी गई तथा जल अभाव क्षैत्र में वर्षा जल को संग्रहित कर किसानों के जीवन स्तर में सुधार की जानकारी साझा की । केंद्र सरकार के मिशन अमृत सरोवर में नदियों के संरक्षण संबंधी नीतियों पर भी विचार रखे।
भारतीय जैन संगठना कोटा चेप्टर के अध्यक्ष पीसी गोधा,सचिव दिलीप जैन ने कोटा में चेप्टर के गठन की जानकारी दी। इस अवसर पर जल बिरादरी की चम्बल संसद के समन्वयक बृजेश विजयवर्गीय एवं तरूण भारत संघ के प्रबंधक चमन सिंह, राजेंद्र जैन ने कोटा के चम्बल शुद्धिकरण तथा वर्षा जल संग्रहण संरचनाओं के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने बताया कि चम्बल को सौंदर्यकरण के साथ ही शुद्धिकरण कर प्रदूषण मुक्त करने की आवश्यकता है। उन्होंने तरूण भारत संघ के नदी पुनर्जीवन तथा विरासत बचाओ यात्रा को जल संरक्षण का महाअभियान बताया। समाज को चम्बल संसद के साथ बैठकर जल संबंधी समस्याओं पर चर्चा करनी चाहिए।संगठना के योगाचार्य राजेश चतर ने कहा कि चम्बल नदी यहां की जीवन रेखा है उसे बचाने के प्रयास किए जाने चाहिए। कार्यक्रम में जैन समाज के वरिष्ठ अविनाश जैन, उमेश अजमेरा,सुरेश जैन पारस जैन,अनिता जैन आदि पदाधिकारियों ने भी विचार व्यक्त किए।

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