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Friday, October 16, 2026
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कोटा के महावीर नगर में पैंथर घुसा, चार लोगों को किया घायल, वन विभाग की टीम ने किया काबू

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-दुष्यन्त सिंह गहलोत-

dushayant singh gehlot
दुष्यंत सिंह गहलोत

कोटा। राजस्थान के कोटा शहर के महावीर नगर कॉलोनी में शनिवार सुबह 5 बजे रिहायशी कॉलोनी में पैंथर के आने से हड़कंप मच गया। इस दौरान पैंथर ने चार लोगों पर हमला कर दिया। हमले के बाद लोग चिल्लाने लगे तो वह एक घर में जा घुसा। बताया जा रहा है कि इस घर में पति-पत्नी रहते हैं। कमरे में पैंथर को देख उन्होंने खुद को दूसरे कमरे में बंद कर दिया है। पैंथर के हमले से गंभीर घायल दो जनों को कोटा के हॉस्पिटल में एडमिट करवाया गया है।

स्थानीय लोगों के अनुसार घटना तड़के 5 बजे के आसपास की है। पहले सुबह 5 बजे शिव ज्योति कॉन्वेंट स्कूल के आस-पास इलाके में इसे देखा गया था। पैंथर ने अलग-अलग जगहों पर 4 लोगों पर अटैक कर दिया। इसके बाद वह गणगौरी पार्क इलाके में आया और वहां गाय पर हमला कर दिया। लोगों के चिल्लाने पर वह एक मकान की छत पर चढ़ गया। यहां सीढ़ियों के सहारे उतर एक घर में घुस गया। यहां पति-पत्नी रहते हैं। लोगों की आवाज सुन जब वे दूसरे कमरे से बाहर आए तो कमरे में पैंथर को देख भागे और खुद को दूसरे कमरे में बंद कर लिया।

सूचना मिलने पर एडिशनल एसपी, दो तीन थानों के सीआई कोटा दक्षिण विधायक संदीप शर्मा कांग्रेस नेता विद्याशंकर गौतम समेत कई लोग पहंुचे। इसके साथ ही फोरेस्ट डिपार्टमेंट की टीम को ट्रेंकुलाइज करने के लिए भी बुलाया गया। प ैंथरको पकड़ने के लिए छत पर जाल लगाया गया। इस दौरान पैंथर रसोई में जाकर छुप गया। करीब 10.54 मिनट पर पैंथर को ट्रेंकुलाइज किया गया।

गर्दन पकड़ ली तो पंजे मारने लगा, गुर्राता रहा

64 साल के हरिशंकर वर्मा ने बताया कि सुबह सात बजकर पांच या 10 मिनट की बात है। छत पर किसी के कूदने की आवाज आई। मुझे लगा कि शायद बंदर होगा। हम फर्स्ट फ्लोर पर रहते हैं। घर पर मैं और पत्नी ही थे। पत्नी ने कहा कि बाजार से सब्जी ले आओ। मैंने जैसे ही दरवाजा खोला सामने पोर्च में पैंथर बैठा था। मुझे देखते ही मेरी तरफ लपका। मुझे कुछ भी समझ में नहीं आया और मेरा हाथ सीधा उसकी गर्दन पर गया। मेरे दोनों हाथों से मैंने उसकी गर्दन पकड़ ली और मैं जोर जोर से चिल्लाने लगा। मैंने उसकी गर्दन पर मेरी पकड़ बहुत तेज कर दी थी जिससे वह गुर्रातेे हुए पंजे मारने लगा करीब 1 मिनट तक यही स्थिति बनी रही मैं और मेरी पत्नी जोर-जोर से बचाने के लिए चिल्लाते रहे। थोड़ी देर बाद मेरी पकड़ कमजोर हो गई तो वह छूटकर कांच तोड़ता हुआ बाहर कूद कर भाग गया।

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