
-बृजेश विजयवर्गीय-
कोटा। श्री ओसवाल समाज संस्था का सामुहिक क्षमावाणी पर्व रविवार को श्री जिन पीयूष सागर जी महाराज के सानिध्य में दानबाड़ी में हर्षाल्लास से मनाया गया। इस अवसर पर 18 और 12 व्रत साधना करने वालों को सम्मानित किया गया। धर्म सभा को संबोधित करते हुए मुनि सम्यकरत्न सूरी ने कहा कि क्षमा का भाव रखने सो जीवन में क्रोध, द्वेषों से मुक्ति मिल जाती है। आत्म शुद्धि व क्षमा याचना का भाव रखने से मानव जीवन को कोहीनूर हीरे के समान बनाया जा सकता है नहीं तो मानव जीवन मात्र कांच का टुकड़ा ही होता है। जैन मुनि ने कहा कि यदि क्रोध के समय कोई मां बच्चे को दूध पिला रही है तो वो विष का कार्य करता है।

इस अवसर पर पुलिस महानिरीक्षक प्रसन्न कुमार खेमसरा,खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के उपाध्यक्ष पंकज मेहता, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आरएसी डिप्टी कमांडेंट पवन जैन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भगवत सिंह हिंगड़, जीएसटी आयुक्त यतीश जैन अतिथि के रूप में मौजूद रहे। ओसवाल समाज संस्था के अध्यक्ष नरेंद्र कुमार लोढ़ा,महामंत्री महेंद्र कांकरिया ने बताया कि पर्यूषण पर्व में 18 व्रत करने वाले पुरूषों और महिला वर्ग को अतिथियो ने सम्मानित किया।आईजी प्रसन्न कुमार खमेसरा व खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के उपाध्यक्ष पंकज मेहता ने भी क्षमावाणी पर्व का महत्व बताया। इसके पूर्व रेखा हिंगड़ ने गीत के माध्यम से क्षमा पर्व का जीवन में महत्व बताया। हुकुम जैन चंडालिया ने क्षमादान है वीरों का गहना गीत प्रस्तुत किया। मास्टर सपन मेहता व काव्या ने हम देंगे क्षमा का दान तथा क्षमा वीरस्य भूषणम आदि गीतों के माध्यम से संदेश दिया। संगठन मंत्री नवीन मेहता, उपाध्यक्ष संजय शाह, कोषाध्यक्ष लोकेंद्र डांगी, महिला मंडल अध्यक्ष इंदु जैन ने अतिथियों का स्वागत किया। संचालन यशवंत लोढ़ा ने किया। शहर के समस्त ओसवाल परिवारों ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया।


















