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Thursday, October 15, 2026
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किसान मुआवजे से वंचित रहे तो कृषि अधिकारी और पटवारी की जिम्मेदारी तय की जाए

-लोक सभा अध्यक्ष ने संभागीय आयुक्त और कोटा-बूंदी कलक्टर के साथ की बैठक

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-दुष्यन्त सिंह गहलोत-

कोटा। लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि कोटा और बूंदी, दोनों जिलों में बेमौसम अतिवृष्टि से फसलों को भारी नुकसान हुआ है। किसान तबाह हो चुका है और हमें उनकी मदद करनी है। अधिकारी दोनों जिलों को आपदाग्रस्त घोषित करने के प्रस्ताव राज्य सरकार के माध्यम से केंद्र को भिजवाएं। केंद्र से प्रस्ताव को स्वीकृति जल्द से जल्द दिलाने के प्रयास करेंगे।

कोटा और बूंदी जिले में अतिवृष्टि के कारण फसलों को हुए नुकसान को देखने के बाद स्पीकर ओम बिरला ने सोमवार शाम संभागीय आयुक्त और कोटा और बूंदी जिलों के कलक्टर व अन्य अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि फसल बीमा करवा चुका एक भी किसान बीमा राशि से वंचित नहीं रहना चाहिए। यदि इसकी शिकायत आती है तो कृषि अधिकारी और पटवारी की जिम्मेदारी तय की जाए।

बैठक में बिरला ने कहा कि किसानों की शिकायत है कि सर्वे के दौरान अधिकारी उनसे खाली प्रपत्र पर हस्ताक्षर करवा लेते हैं। ऐसा नहीं होना चाहिए। अधिकारी मौके की जांच कर प्रपत्र में वास्तिविक ब्यौरा अंकित करें। साथ ही बीमा कम्पनियों को किसानों के नुकसान की सूचना ऑफलाइन लेने को भी पाबंद करें। जीएसएस और किसान संगठनों के प्रतिनिधि भी किसानों को बीमा फार्म तथा गिरदावरी में फसल अपडेट करने को जागरूक करें। बैठक में सभागीय आयुक्त दीपक नंदी, जिला कलक्टर ओपी बुनकर, बूंदी कलक्टर रविंद्र गोस्वामी दोनों जिलों के विभिन्न अधिकारी मौजूद थे।

यूरिया की आवश्यकता की अभी दें जानकारी
बैठक में स्पीकर बिरला ने कहा कि वे कोटा-बूंदी के किसानों को यूरिया की कमी नहीं आने देंगे। लेकिन अधिकारी समय से उन्हें आवश्यकता और वितरण योजना की जानकारी दें। साथ ही सभी डीलर्स को पाबंद करें कि वे किसानों को जबरन अटैचमेंट नहीं दें।

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