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Thursday, October 15, 2026
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बीज और बच्चे होते हैं एक जैसे

bachche
प्रतीकात्मक फोटो

-मनु वाशिष्ठ-

manu vashishth
मनु वशिष्ठ

पेरेंटिंग__ बीज और बच्चे
बीज और बच्चे
होते हैं एक जैसे
जिनमें छुपी हैं
अनंत संभावनाएं
सब जानते हैं
फिर भी
मातापिता कहां मानते हैं?
बेटियों को रोपते का
धान की तरह
और बेटों को भी
जो बन सकता था
विशाल वट वृक्ष
बोनसाई बना कर छोड़ते हैं
बच्चे कोई बीज नहीं हैं
मत करिए!
उन पर अपनी चाहतों के प्रयोग
मत लादिए उन पर अपनी
ख्वाहिशों के बोझ
सह नहीं पाएंगे
और आपके अकुशल
तरीकों से
ये नन्हे फूल (बच्चे)
पेड़ बनने से पहले ही मुरझा जाएंगे…
__ मनु वाशिष्ठ, कोटा जंक्शन राजस्थान

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